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बदरीनाथ-केदारनाथ में विशेष पूजा का शुल्क बढ़ा.                      

  Dehradun. उत्तराखंड की चारधाम यात्रा आगामी 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू होने जा रही है. इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जिसके लिए शासन-प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है.
चारधाम के कपाट खुलने के बाद बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में विशेष पूजा की प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है. इसके लिए श्रद्धालुओं को बाकायदा एक शुल्क जमा करना होता है. इस साल बीकेटीसी ने तय विशेष पूजा शुल्क में 10 से 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी है. दरअसल, बीती दस मार्च को बीकेटीसी की बजट बैठक आयोजित हुई थी. इसी बैठक में विशेष पूजा शुल्क में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव पर मुहर लगी थी. बता दें कि पिछले दो सालों से धामों में होने वाली विशेष पूजा शुल्क में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी.
बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में महाभिषेक और आरती समेत तमाम पूजाएं कराई जाती हैं. इन पूजाओं की बुकिंग बीकेटीसी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर होती है, जहां पर शुल्क जमाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. हर विशेष पूजा के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित है. केदारनाथ धाम में सुबह की पूजा: केदारनाथ धाम में मुख्य रूप से सुबह और शाम की आरती के दौरान विशेष पूजा कराई जाती है. केदारनाथ धाम में फिलहाल सुबह होने वाली पूजा यानी महाभिषेक पूजा के लिए 9500, रुद्राभिषेक के लिए 7200, लघु रुद्राभिषेक के लिए 6100, षोडशोपचार के लिए 5500, अष्टोपचार के लिए 950, पंचोपचार के लिए 950 और पूरे दिन की पूजा के लिए 28,600 रुपए का शुल्क है. केदारनाथ धाम में शाम की पूजा: इसी तरह शाम को होने वाली पूजा यानी शिव अष्टोतारी पाठ के लिए 1000, शिव सहस्त्रनाम पाठ के लिए 2000, शिव नामावली के लिए 2000, शिव महामंस्त्रोतम पाठ के लिए 2000, शिव तांडव स्तोत्रम पाठ के लिए 1900, शिव पराक्षमस्त्रोतम पाठ के लिए 2000 और पूरी शाम की आरती के लिए 2800 रुपए का शुल्क है. इस सभी पूजाओं के शुल्क में करीब 10 से 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी होने जा रही है. बीकेटीसी ने नए शुल्क की लिस्ट अभी जारी नहीं की है. यात्रा शुरू होने से पहले जल्द ही बीकेटीसी अपने वेबसाइड पर विशेष पूजा की नई लिस्ट जारी करेगा. बदरीनाथ धाम की विशेष पूजाएं: बदरीनाथ धाम में भी अलग-अलग समय विशेष पूजाएं कराई जाती हैं. प्रातः कालीन पूजा में महाभिषेक पूजा के लिए 4700 और अभिषेक पूजा के लिए 4500 रुपए का शुल्क है. इसके अलावा पूरे दिन पूजा के लिए 12,000 और श्रीमद्भागवत सप्त पाठ के लिए 51,000 रुपए का शुल्क रखा गया है.
बदरीनाथ धाम में वेद पाठ के लिए 2500 और गीता पाठ के लिए 2500 रुपए का शुल्क निर्धारित है. शाम की आरती के दौरान कपूर आरती के लिए 201 रुपए, चंडी आरती के लिए 401 रुपए, आरती के लिए 501 रुपए, अष्टारी पूजा के लिए 401 रुपए, विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र पाठ के लिए 701 रुपए, विष्णु सहस्त्र नामावली के लिए 601 रुपए का शुल्क निर्धारित है.
इसके अलावा गीत गोविंद पाठ के साथ शायन आरती के लिए 3100 रुपए का शुल्क निर्धारित है. लेकिन इस साल इन सभी शुल्क में 10 से 20 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी होने जा रही है. इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि दोनों धामों में होने वाले विशेष पूजा शुल्क में 10 से 20 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है.
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बीकेटीसी सुपोषित संस्था है और इस संस्था के आय का साधन श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावा ही है, जिससे ही बीकेटीसी के अधीन आने वाले 47 मंदिरों का रखरखाव और संचालन किया जाता है. ऐसे में बोर्ड बैठक के दौरान सभी पूजाओं पर 10 से 20 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया गया है. साथ ही बताया की बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में अलग-अलग तरह की तमाम विशेष पूजा कराई जाती है. हर दो से तीन साल में एक बार विशेष पूजा के शुल्क में बढ़ोत्तरी की जाती है.