धनतेरस आज, भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा से घरों में आएगी सुख-समृद्धि
डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त, प्रदोष काल में पूजन का विशेष महत्व
देहरादून। पांच दिवसीय दीपावली महापर्व का शुभारंभ शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के साथ होगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और धन-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है।
डॉ. आचार्य सुशांत राज ने धनतेरस के महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है। यही कारण है कि धनतेरस पर उनकी विशेष पूजा की जाती है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर शुक्रवार को शाम 5 बजकर 56 मिनट से प्रारंभ होकर 7 नवंबर शनिवार को सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। प्रदोष काल को ध्यान में रखते हुए धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा।
खरीदारी के शुभ मुहूर्त
डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार, 6 नवंबर को खरीदारी के लिए सुबह 7:57 बजे से 9:18 बजे तक शुभ समय रहेगा। इसके बाद 9:18 बजे से 10:39 बजे तक दूसरा शुभ मुहूर्त रहेगा। दोपहर में 12:01 बजे से 1:22 बजे तक भी खरीदारी की जा सकती है। इस दौरान लोग सोना, चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीद सकते हैं।
प्रदोष काल और पूजा का विशेष महत्व
उन्होंने बताया कि इस वर्ष वृषभ लग्न शाम 5:56 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:27 बजे से रात 8:05 बजे तक रहेगा, जबकि यम दीपदान का समय भी शाम 5:27 बजे से रात 8:05 बजे तक बताया गया है।
डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। इस अवधि में खरीदारी और पूजा-पाठ से बचने की सलाह दी जाती है।
उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल खरीदारी का पर्व नहीं, बल्कि आरोग्य, धन, सुख और समृद्धि की कामना का भी पर्व है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान धन्वंतरि, कुबेर जी और मां लक्ष्मी का पूजन करने के साथ घर के मुख्य द्वार पर दीप प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है।

