breaking news
  • * आखिरकार मान गए ऊर्जा कर्मी, समाधान का आश्वासन.
  • * सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर.
  • * कोरोना संक्रमण में कमी को देखते हुए सरकारी कार्यालय शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने के निर्देश.
  • * Martyr Gate will be built in memory of martyr Devendra Prasad, who showed indomitable courage.
  • * मध्यरात्रि से यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल में बेमियादी हड़ताल शुरू करने का एलान किया.
  • * मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूजा-पाठ के बाद सरकारी आवास में शिफ्ट.
  • * मध्यरात्रि से यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल में बेमियादी हड़ताल शुरू करने का एलान किया.
  • * IAS दीपक रावत ने संभाला ऊर्जा निगम और पिटकुल के प्रबंध निदेशक का पदभार.
  • * समाजवादी पार्टी ने दून जिला कार्यकारिणी का विस्तार किया.
  • * आइएएस दीपक रावत ने छह दिन बीतने पर भी ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक का पदभार नहीं संभाला.
kotha

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यूपीसीएल विभाग राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाने हेतु प्रयासरत,ए०डी०बी० परियोजना के तहत शहर की विद्युत लाईनों के भूमिगत का कार्य जोरों पर


देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यूपीसीएल उत्तराखण्ड राज्य को 'ऊर्जा प्रदेश' बनाने हेतु प्रयासरत है। यूपीसीएल द्वारा ए०डी०बी० परियोजना के अन्तर्गत देहरादून शहर के मुख्य मार्गों की उपरिगामी विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने के कार्य को शीघ्रता से पूर्ण किया जा रहा है।

इस योजना के अन्तर्गत देहरादून शहर में 33 के0वी0 की लगभग कुल 92 किमी, 11 के0वी0 की लगभग कुल 230 किमी तथा एल०टी० की लगभग कुल 608 किमी लाइनों को भूमिगत किया जा रहा है जिसके लिए शहर को तीन लॉट में बांटा गया है। वर्तमान में सभी लॉट के क्षेत्रीय दलों द्वारा सर्वे एवं संयुक्त सर्वे का कार्य पूर्ण करने के बाद रोड कटिंग की अनुमति प्राप्त कर लाईनों के भूमिगतिकरण का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

भूमिगत केबल्स से पर्यावरणीय कारकों जैसे तेज़ हवा, बारिश व पेड़ों की शाखाओं से कम प्रभावित होते हैं। इसके बेहतर इन्सुलेशन से बिजली हानि कम होती हैसाथ ही गिरी हुई तारों या आग लगने का जोखिम लगभग समाप्त हो जाता है। भूमिगत केबल्स से शहरी और आवासीय क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण होगा। साथ ही, बिजली चोरी और निर्माण गतिविधियों या वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह लाभदायक है, क्योंकि पेड़ों की छंटाई की आवश्यकता नहीं होगी।

विद्युत लाइनों के भूमिगतिकरण के लिए प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि कार्य शीघ्र पूरा हो और सुरक्षा मानकों का पालन हो। गड्ढों और नालियों की भराई नियमित की जाए। इस योजना से देहरादून का विद्युत वितरण तंत्र यूरोपीय देशों जैसा सुदृढ़ होगा।