राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू हुई सत्र की कार्यवाही
गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सोमवार से राज्य विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह के अभिभाषण के साथ सदन की कार्यवाही की औपचारिक शुरुआत हुई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह लगभग 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ हुई और राज्यपाल ने सदन को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इससे पहले विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए हंगामा किया I
सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा परिसर में राज्यपाल को औपचारिक सलामी दी गई। इसके बाद वे सदन में पहुंचे और अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी , विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूरी भूषण सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायक सदन में मौजूद रहे।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार के पिछले एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों और योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी सदन के सामने रखी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को विकास के नए आयामों तक पहुंचाना और प्रदेश के दूरस्थ तथा सीमांत क्षेत्रों तक विकास की योजनाओं को पहुंचाना है।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने यह भी कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, सड़क और आधारभूत ढांचे के विकास तथा डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके साथ ही पर्यटन, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
राज्यपाल के अभिभाषण को राज्य सरकार के आगामी एक वर्ष के कार्यक्रमों और नीतियों का आधिकारिक दस्तावेज माना जाता है, जिसमें सरकार की प्राथमिकताओं और योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की जाती है।
उधर, बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट भी सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बजट में विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे, कृषि, युवाओं और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिया जा सकता है।
गैरसैंण में शुरू हुआ यह बजट सत्र राज्य की राजनीति और विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में बजट के साथ-साथ विभिन्न विधेयकों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में चर्चा होने की संभावना है।
