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लोक भवन में मनाया गया हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस                          

देहरादून 15 अप्रैल। बुधवार को लोक भवन में हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में हिमाचल राज्य के देहरादून स्थित संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिसमें हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सभी उपस्थित जनों को हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के बीच केवल भौगोलिक निकटता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक स्तर पर भी गहरा और आत्मीय संबंध है। उन्होंने कहा कि दोनों ही राज्यों को ‘देवभूमि’ के रूप में जाना जाता है, जहां की पवित्रता, लोक परंपराएं, आस्था, सरल जीवनशैली और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना एक समान रूप से परिलक्षित होती है।
   राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस का आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की विविधता को समझने और उसे आत्मसात करने का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन हमें एक-दूसरे की भाषा, वेशभूषा, खान-पान, लोक कला और परंपराओं को जानने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे राज्यों के बीच आपसी सद्भाव, संवाद और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
   इस कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, साईं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून की उपाध्यक्ष श्रीमती रानी अरोरा, जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती श्रुति अग्रवाल, श्रीमती कामिनी शर्मा, सुश्री अर्चना कंडारी, आशा पाल एवं छात्र -छात्राएं उपस्थित रहे।