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श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया महासू देवता का जागड़ा पर्व                  

  देहरादून। जौनसार-बावर क्षेत्र में आराध्य महासू देवता का चालदा महासू महाराज मंदिर में विशेष आयोजन             देवनांयणी (जागड़ा पर्व) श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न महासू मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले महासू देवता के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजते रहे।
कचटा स्थित चालदा महासू महाराज मंदिर में विशेष आयोजन हुआ। शुभ मुहूर्त में पुजारी, देवमाली, वजीर और भंडारी ने मंदिर के गर्भगृह से देव चिन्हों को बाहर निकाला। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच देव चिन्हों का विधि-विधान से शाही स्नान कराया गया। इसके बाद देव चिन्हों को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में विराजमान किया गया।
चालदा महासू महाराज के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु कचटा पहुंचे। जौनसार-बावर के अलावा हिमाचल और उत्तरकाशी से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान देव स्तुति और पारंपरिक हारूल नृत्य ने पर्व के उत्साह को और बढ़ा दिया। दर्शन के बाद देव चिन्हों को विधि-विधान के साथ पुनः गर्भगृह में विराजमान कराया गया।
हनोल, थैना समेत कई मंदिरों में भी रही जागड़ा की धूम मूल महासू देवता मंदिर हनोल और दूसरे प्रमुख मंदिर थैना सहित कचटा, लखवाड़, बिसोई, लखस्यार, भंजरा, कोटी विशायल, गबेला, सलगा, बोहा, अस्टी, टिपऊ, मलऊ, दिलऊ, तारली, सैंज, उपरोली खाटूवा, टूंगरा, टगरी और कोटूवा आदि मंदिरों में भी जागड़ा पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह विशाल भंडारों का आयोजन किया गया।