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उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन ने किया जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

देहरादून, 18 सितंबर। सीटू से सम्बद्ध उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन के बैनर तले भोजन माताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार के नाम ज्ञापन प्रेषित कर भोजन माताओं की समस्याओं के समाधान तथा उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
यूनियन ने कहा कि भोजन माताएं लंबे समय से विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं, लेकिन उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। उत्तराखंड में भोजन माताओं को मात्र 3,000 प्रतिमाह मानदेय और वह भी केवल 11 माह का दिया जाता है। यूनियन ने सरकार से भोजन माताओं को न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं देने की मांग की।
यूनियन की प्रमुख मांगें
चारों श्रम संहिताओं के श्रमिक विरोधी प्रावधानों को रद्द कर श्रमिकों के पक्ष में नियम बनाए जाएं तथा भोजन माताओं के मानदेय में बढ़ोतरी कर उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।
न्यूनतम वेतन 26,000 प्रतिमाह किया जाए तथा भोजन माताओं को न्यूनतम वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा भोजन माताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए गए ग्रेच्युटी लाभ की तरह भोजन माताओं को भी ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, भविष्य निधि एवं ESI की सुविधा प्रदान की जाए। भोजन माताओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किया जाए। मध्याह्न भोजन योजना को एनजीओ/निजी क्षेत्र को न दिया जाए। हटाई गई भोजन माताओं को वापस कार्य पर रखा जाए। भोजन माताओं को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए। 46वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाए। यूनियन ने कहा कि भोजन माताओं की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार से संबंधित मांगों को संसद के पटल पर रखकर केंद्र सरकार पर आवश्यक दबाव बनाने की मांग की गई।
इस अवसर पर सीटू जिला महामंत्री लेखराज, जिला अध्यक्ष एस.एस. नेगी, जिला मंत्री अभिषेक भंडारी, हिमांशु चौहान, जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र नौडियाल, जिला उपाध्यक्ष राम सिंह भंडारी, भोजनमाता कामगार यूनियन की प्रदेश महामंत्री मोनिका, जिला महामंत्री सुनीता, जिला कोषाध्यक्ष मीना नेगी सहित बबीता, मालती, राजनी, राजो देवी, कुसुम, सुशीला, उषा, बसंती आदि उपस्थित रहे।
यूनियन ने कहा कि यदि सरकार द्वारा भोजन माताओं की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।