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तीन माह से उपर गुजर जाने के बाद भी नही सुलझ पाई रहस्यमय तरीके से लापता बबीता की गुत्थी

उत्तरकाशी।बीती 29 मई रामनगर निवासी बबीता पांडे दयारा बुग्याल क्षेत्र के गोई से अचानक लापता हो गई थी। तीन माह से उपर गुजर जाने के बाद न तो उसका कोई सुराग ही हाथ लग पाया है। न ही उसके लापता होने की गुत्थी ही सुलझ पाई है। सबसे बड़ा सवाल आज भी वही है बबीता आखिर गई कहां। इस रहस्य से पर्दा नही उठ पाया है। इस मामले में पुलिस की विवेचना जारी है।
इस संबध में एसपी कमलेश उपाध्याय का कहना है कि पुलिस ने बबीता की तलाश में हर संभव प्रयास किए हैं और मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। बबीता की तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीमें लगाई गई थीं। हेलीकॉप्टर की मदद से भी संभावित क्षेत्रों को खंगाला गया। नटीण के दुर्गम और घने जंगलों में भी संभावित स्थानों की पड़ताल की गई। अब पुलिस की विवेचना में इन्हीं तमाम प्रयासों और सामने आए तथ्यों को जोड़कर बबीता के लापता होने की गुत्थी सुलझाने की कोशिश की जा रही है। जंगल में संभावित भालू आवासीय क्षेत्रों, पानी के टैंकों और अन्य संदिग्ध स्थानों की भी जांच की गई थी। कुछ स्थानों पर पहले से खुदाई के निशान मिलने पर उनकी दोबारा पड़ताल की गई। इसके बावजूद बबीता का कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया।मामले ने तब नया मोड़ लिया था, जब पुलिस ने अपहरण की आशंका को देखते हुए दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। लेकिन इस दिशा में भी अब तक कोई निर्णायक तथ्य सामने नहीं आया है। तीन महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। घर की चौखट पर शायद आज भी एक उम्मीद टिकी होगी कि बबीता लौट आएगी। लेकिन हर बीतता दिन इस उम्मीद के साथ एक नया सवाल भी छोड़ जाता है। क्या वह एक दिन अचानक वापस आएगी, या फिर दयारा के जंगलों में उसका लापता होना हमेशा के लिए एक रहस्य बनकर रह जाएगा। फिलहाल जवाब किसी के पास नहीं है। मगर उम्मीद अभी बाकी है। पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने कहा कि बबीता की तलाश को लेकर पुलिस की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की विभिन्न टीमें संभावित स्थानों पर तलाश के साथ ही मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही हैं। इसके अलावा उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की भी बारीकी से जांच की जा रही है। एसपी कमलेश ने कहा कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित कोणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस का प्रयास है कि मामले की वास्तविक स्थिति जल्द से जल्द स्पष्ट हो और आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बता दें कि बबीता पांडे उत्तराखंड के नैनीताल जिले की रहने वाली हैं। बबीता पढ़ाई करने के बाद एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रही थीं। 29 मई 2026 को बबीता पांडे अपने कुछ साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना हुई थीं। इसके बाद वे रहस्यमयी तरीके से लापता हो गईं। करीब 4 महीने होने को हैं, लेकिन बबीता का कुछ पता नहीं चल सका है।