breaking news
  • * आखिरकार मान गए ऊर्जा कर्मी, समाधान का आश्वासन.
  • * सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर.
  • * कोरोना संक्रमण में कमी को देखते हुए सरकारी कार्यालय शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने के निर्देश.
  • * Martyr Gate will be built in memory of martyr Devendra Prasad, who showed indomitable courage.
  • * मध्यरात्रि से यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल में बेमियादी हड़ताल शुरू करने का एलान किया.
  • * मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूजा-पाठ के बाद सरकारी आवास में शिफ्ट.
  • * मध्यरात्रि से यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल में बेमियादी हड़ताल शुरू करने का एलान किया.
  • * IAS दीपक रावत ने संभाला ऊर्जा निगम और पिटकुल के प्रबंध निदेशक का पदभार.
  • * समाजवादी पार्टी ने दून जिला कार्यकारिणी का विस्तार किया.
  • * आइएएस दीपक रावत ने छह दिन बीतने पर भी ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक का पदभार नहीं संभाला.
kotha

एमबीबीएस दाखिला फर्जीवाड़ा मामले में गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार

देहरादून। गुरूवार को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के मामले में एसआइटी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी एसआईटी ने भोपाल से की है। भोपाल में धीरज श्रीवास्तव एमबीबीएस वे के नाम से ऑफिस चलाता है.।आरोपी के कब्जे से धनराशि भी बरामद हुई है। फर्जी सर्टिफिकेट मामले में अभी तक 3 गिरफ्तारी हो चुकी है।
13 सितंबर को थाना रायपुर और क्लेमेनटाउन में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने और उनका इस्तेमाल एमबीबीएस दाखिले में करने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे।


पुलिस के अनुसार मामले में पहले ही रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। रूपेश की निशानदेही पर उसके मेरठ स्थित घर से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने के एवज में लिए गए आठ लाख रुपये बरामद हुए थे।जांच में सामने आया कि धीरज श्रीवास्तव का भोपाल में एमबीबीएस प्रवेश से संबंधित कार्यालय संचालित करने वाला नेटवर्क था। पूछताछ में उसके माध्यम से विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन पर प्रवेश दिलाने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार वह रूपेश पंडित के संपर्क में भी था। धीरज से 5.58 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि तीन अभ्यर्थियों के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाए थे। एसआइटी अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और दस्तावेजों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। बता दें कि उत्तराखंड के कुछ अभ्यर्थियों ने नीट यूजी एमबीबीएम में दाखिला के लिए स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र जमा किए थे। देहरादून के प्रदीप बहुगुणा ने अपनी जांच में पाया था कि कई अभ्यर्थी जो अलग-अलग क्षेत्र के हैं लेकिन सर्टिफिकेट आवेदन पर एक ही पता दर्ज कराया है, जो संदेहास्पद है. खास बात है कई अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र जारी भी हो चुके हैं।


प्रदीप बहुगुणा ने मामले की जांच के लिए डीएम को पत्र लिखा। जांच में सामने आया कि कई दस्तावेज फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए हैं।